रविवार, 14 मार्च 2010

लचर पुलिस व्यवस्था :पुलिस के दस घंटे बाद पहुंचने से मासूम ने गंवाई जान

अमौली (फतेहपुर)। चांदपुर थानाक्षेत्र के गांव मेढ़ापाटी में हुई मासूम की हत्या में अगर पुलिस सक्रिय होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। सूचना के दस घंटे बाद पहुंची थी पुलिस घटना स्थल में। गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है।



दो दिन पूर्व मेढ़ापाटी निवासी सुखनन्दन पाल का बारह वर्षीय पुत्र सर्वेश को नसीम उर्फ बउवा ग्राम कासिमपुर मजरा लहुरी थाना सजेती कानपुर शाम सात बजे बहला-फुसलाकर गांव से आधा किलोमीटर दूर अरहर के खेतों में हत्या कर दी थी जिसे मासूम के पिता ने ग्रामीणों के साथ रात्रि बारह बजे थाने पहुंचकर सूचना देने गया था। पुलिस ने चौकी में सूचना देने को कहकर टाल दिया गंभीरता से नहीं लिया। दूसरे दिन सुबह नौ बजे घटनास्थल पर चौकी इंचार्ज पहुंचे। थानाध्यक्ष मासूम की लाश मिलने की सूचना पर घटनास्थल पहुंच सके। इस बात की ग्रामीणों में चर्चा रही कि पुलिस सक्रिय होती तो मासूम की जान बच सकती है।



ग्रामीणों ने बताया कि मासूम के पिता शाम नौ बजे से हत्यारे के गांव थाना सजेती थाना चांदपुर के सारी रात ग्रामीणों के साथ चक्कर काटा परन्तु पुलिस के जूं तक नहीं रेंगा। बताया कि पुलिस यदि हरकत में आती तो मासूम की जान बच सकती थी। विगत पांच जनवरी को इसी थानाक्षेत्र के कुंदेरामपुर निवासी ओमकार पटेल को बाइस वर्षीय पुत्री की हत्या कर दी गयी थी जिसमें भी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी। इतना ही नहीं भुक्तभोगी तब से अधिकारियों के चक्कर काट रहता है अभी तक मुकदमा तक नहीं लिखा गया है। पुलिस का कहना है मुकदमा पंजीकृत हो गया है अभियुक्तों की तलाश जारी है।

 
 
 
साभार : दैनिक जागरण ९ मार्च २०१०

रिश्तो की मर्यादा को किया तार तार :पिता ने नाबालिग पुत्री से किया दुष्कर्म

हवस की आग में अंधे एक पिता ने अपनी नाबालिग पुत्री की इज्जत तार-तार कर दी। पीड़ित लड़की ने अपने पिता के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस ने लड़की को चिकित्सीय परीक्षण हेतु भेजा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बरवां निवासी श्याम लाल (परिवर्तित नाम) मजदूरी करता है और उसके एक पुत्री नीलम उम्र 16 वर्ष व तीन पुत्र हैं। श्यामलाल की पत्‍‌नी एक वर्ष पहले गांव के ही किसी व्यक्ति के साथ भाग गयी थी। शुक्रवार की रात उसकी पुत्री एक कमरे में अकेले सो रही थी तभी करीब ग्यारह बजे हैवानियत सवार हो जाने पर दबे पांव वह पुत्री की चारपाई के पास पहुंचा और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस हसिया दिखाकर हवस का शिकार बनाया। लड़की लाख कोशिशों के बावजूद अपने को छुड़ा न सकी। दुष्कर्म करने के बाद श्यामलाल भाग निकला। लड़की उसी समय पड़ोसियों के पास पहुंची और रो-रो कर आपबीती सुनाई। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित पुत्री एवं आरोपी पिता को थाने ले गयी। पीड़ित लड़की ने पुलिस में पिता के खिलाफ तहरीर दे दी है। थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने कहा कि लड़की को चिकित्सीय परीक्षण हेतु भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज होगा। उधर आरोपी पिता ने सफाई देते हुए कहा कि उसकी पुत्री के पड़ोस के एक नवयुवक से प्रेम संबंध हैं। मना करने पर पुत्री ने षड्यंत्र रचा है।



साभार : दैनिक जागरण १३ मार्च २०१०

शुक्रवार, 5 मार्च 2010

आस्था के केंद्र बने नाग बाबा


अमौली बेहटी के बीच स्थित करमताला में एक काला नाग पिछले २० दिनों से रोज सुबह १० बजे अपने बिल से निकल आते है और शाम ५ बजे वापस अपने बिल में  चले जाते है | क्षेत्र भर के लोगो में यह आस्था के केंद्र बने हुए  है | लोगो ने तरह तरह की चर्चाये शुरू कर दी है |पिछले २० दिनों से यहाँ मेले जैसा माहौल है | कुछ श्रद्धालुओ ने यहाँ पर  अखंड पाठ का आयोजन कराया है | सभी लोग चढ़ावा भी चढ़ा रहे है |

शनिवार, 13 फ़रवरी 2010

दोगुने से ज्यादा उम्र का दूल्हा देख बारात लौटाई

बिंदकी (फतेहपुर)। इसे गरीबी कहें कि मजबूरी, सब कुछ जानते हुए भी एक पिता अधेड़ व्यक्ति से अपनी पुत्री ब्याहने को राजी हो गया। शुक्र हो भगवान का जिसने लड़की को इतना साहसी बनाया कि भांवरों के ठीक पहले अपने से दुगुने से ज्यादा उम्र का दूल्हा देखकर शादी से साफ इंकार कर दिया। दूल्हे को बरातियों समेत बैरंग लौटना पड़ा। मामला है थाना जाफरगंज क्षेत्र के ग्राम डिघरुवा का।




कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बहरौली के निवासी अवधेश कुमार शुक्ला ने नगर के ललौली रोड में बैंक आफ बड़ौदा के निकट स्कार्ट फार्म ट्रैक्टर की एजेंसी खोल रखी है। बताते हैं कि अवधेश की शादी हो चुकी थी। पत्‍‌नी की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके एक बाइस वर्ष का लड़का एवं बीस वर्ष की लड़की है जो वर्तमान में कानपुर में रह रहे हैं।



थाना जाफरगंज क्षेत्र के ग्राम डिघरुवा निवासी कन्हैयालाल द्विवेदी का अवधेश की ट्रैक्टर एजेंसी में आना जाना रहा। कन्हैयालाल की तीन पुत्रियां हैं। पहली पुत्री की शादी हो चुकी है। अवधेश कुमार शुक्ला की आर्थिक संपन्नता को देखकर कन्हैयालाल ने दूसरी पुत्री कृष्णा देवी की शादी करने का प्रस्ताव अवधेश के सामने रखा।



अवधेश ने यह प्रस्ताव मान लिया और दोनों पक्षों में शादी तय हो गयी। अवधेश शुक्ला ने निमंत्रण पत्र बांटे जिसमें पता कानपुर नगर का लिखा। निर्धारित तिथि के अनुसार गुरुवार को अवधेश अपनी बरात लेकर ग्राम डिघरुवा पहुंचा। बरात की आगवानी हुई देर शाम को भोजन भी हुआ। रात में चढ़ावा चढ़ने के बाद जब भांवरों का समय आया तो दुल्हन ने अपने उम्र से दोगुने से ज्यादा उम्र के दूल्हे को देखकर शादी करने से साफ इंकार कर दिया। सुबह तक दोनों पक्षों के बीच काफी वार्ता हुई लेकिन लड़की के जिद के आगे किसी की नीं चली। अंतत: दूल्हे को बिना दुल्हन के बरात वापस लाना पड़ा। थानाध्यक्ष जाफरगंज चंद्रभान सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है।

 
 
साभार : दैनिक जागरण १३/०२/२०१०

श्री अजय शुक्ला जी का आसमयिक निधन

श्री अजय शुक्ला जी का आसमयिक निधन हो गया है| श्री शुक्ला ग्राम  बेहटी के निवासी थे | वह अमौली में बालिका इंटर कालेज में अध्यापन कार्य करते थे इसके साथ ही वह अंग्रेजी विषय की कोचिंग चलाते थे | अपने मधुर व्यवहार के चलते छात्रो के बीच वह काफी लोकप्रिय थे | पिछले एक महीने से उनकी तबियत ख़राब थी जिसमे की काफी सुधार भी हो चुका था परन्तु ०९/०२/२०१० को अचानक दवा रिएक्सन  कर जाने से उनकी म्रत्यु हो गयी | आइये हम सभी मिलकर उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करते है |

शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

अमौली में बनेगा बड़ा अस्पताल |

अमौली ब्लाक मुख्यालय में नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनना स्वीकृत हो गया है | सूचना के अधिकार के तहत मैंने मुख्य चिकित्साधिकारी  फतेहपुर से यह जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में मुझे बताया गया है कि अमौली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनना स्वीकृत हो गया है तथा जगह मिलते ही काम शुरू करा दिया जायेगा | यह बहुत ही ख़ुशी कि बात है कि प्रशासन द्वारा यह पहल की गयी है| इससे क्षेत्र की खस्ताहाल स्वास्थ सेवाओ में सुधार की उम्मीद है| 

रविवार, 31 जनवरी 2010

मां ने जान गवां बचाई बेटे की जिंदगी

अमौली (फतेहपुर)। एक कहावत है कि मां अपनी औलाद की खातिर अपनी जान तक दे सकती है। इस कहावत को आज सच कर दिखाया किरन ने। किरन ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी बेटे की जान बचा ली मगर वह चल बसी। यह दुखद घटना चांदपुर थानाक्षेत्र के गोहरारी गांव की है।

गोहरारी गांव निवासी योगेश कुमार शुक्ला की पत्नी किरन शुक्ला (35) १६ जनवरी को सुबह करीब 10 बजे अपने पुत्र श्यामजी (12) के साथ मिर्चा तोडऩे खेत जा रही थी। रास्ते में श्यामजी आगे चल रहा था जबकि किरन पीछे थी। प्रत्यक्षदॢशयों के मुताबिक जैसे ही श्यामजी 17 बीजी राजकीय नलकूप के पास पहुंचा तभी उसका पैर जमीन पर टूटे बिजली के तार में उलझ गया। यह देख किरन भागकर मौके पर पहुंची और धक्का देकर श्यामजी को तार से अलग किया लेकिन वह खुद असंतुलित होकर तार पर गिर पड़ी। जब तक नलकूप में मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंच कर लाठी डंडों से तार को किरन से अलग करते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गई। कुछ देर बाद ही उसकी मौके पर मौत हो गई जबकि श्यामजी को पीएससी अमौली में भरती कराया गया है। हादसे को लेकर ग्रामीणों में बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

हादसे की खबर से योगेश के घर कोहराम मच गया। उसकी बेटियां सोनिका, मोनिका, अंजुला रोते बिलखते मौकेपर पहुंची। जबकि पांच माह का बेटा घर में पड़ा बिलखता रहा। ग्रामीणों ने हादसे की खबर बिजली विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दी लेकिन कोई बिजली विभाग को कोई कर्मचारी घटनास्थल में नहीं पहुंचा। इलाकाई पुलिस ने छानबीन कर कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया तभी बिजली अधिकारियों से नाराज ग्रामीणों ने उनके आने पर ही लिखापढ़ी करने की बात कह कार्रवाई करने का विरोध किया। बाद में पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर मामला शांत करा लिया।

जेई को दी गई थी टूटे पड़े तार की सूचना

अमौली। गोहरारी निवासी जगमोहन तिवारी ने बताया कि सुबह सरकारी नलकूप को जाने वाली लाइन का तार टूटे पड़े होने की जानकारी मिली। उन्होंने नौ बजे अवर अभियंता को फोन करके टूटे पड़े तार की जानकारी और दुघर्टना की आशंका को देखते हुए सप्लाई न चालू करने का आग्रह किया। बावजूूद इसके लाइन की सप्लाई बंद नहीं की गई। आरोप लगाया कि घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारी दोषी है। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पहले भी इसी स्थान पर हो चुके हैं हादसे

अमौली। जिस स्थान पर टूटे पड़े तार की चपेट में आकर किरन की मौत हुई वह पहले भी कई हादसे हो चुके है। दुखद पहलू यह है कि बावजूद इसके बिजली कर्मचारियों ने सतर्कता नहीं बरती। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह माह में इसी स्थान पर कई बार तार टूट चुका है। हादसे में रहीम और विनोद शाहू के मवेशियों की मौत हो गई थी लेकिन विभाग ने जर्जर तार को बदलने का प्रयास नहीं किया और लापरवाही बड़े हादसे में परिणित हो गई।