बिंदकी (फतेहपुर)। इसे गरीबी कहें कि मजबूरी, सब कुछ जानते हुए भी एक पिता अधेड़ व्यक्ति से अपनी पुत्री ब्याहने को राजी हो गया। शुक्र हो भगवान का जिसने लड़की को इतना साहसी बनाया कि भांवरों के ठीक पहले अपने से दुगुने से ज्यादा उम्र का दूल्हा देखकर शादी से साफ इंकार कर दिया। दूल्हे को बरातियों समेत बैरंग लौटना पड़ा। मामला है थाना जाफरगंज क्षेत्र के ग्राम डिघरुवा का।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बहरौली के निवासी अवधेश कुमार शुक्ला ने नगर के ललौली रोड में बैंक आफ बड़ौदा के निकट स्कार्ट फार्म ट्रैक्टर की एजेंसी खोल रखी है। बताते हैं कि अवधेश की शादी हो चुकी थी। पत्नी की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके एक बाइस वर्ष का लड़का एवं बीस वर्ष की लड़की है जो वर्तमान में कानपुर में रह रहे हैं।
थाना जाफरगंज क्षेत्र के ग्राम डिघरुवा निवासी कन्हैयालाल द्विवेदी का अवधेश की ट्रैक्टर एजेंसी में आना जाना रहा। कन्हैयालाल की तीन पुत्रियां हैं। पहली पुत्री की शादी हो चुकी है। अवधेश कुमार शुक्ला की आर्थिक संपन्नता को देखकर कन्हैयालाल ने दूसरी पुत्री कृष्णा देवी की शादी करने का प्रस्ताव अवधेश के सामने रखा।
अवधेश ने यह प्रस्ताव मान लिया और दोनों पक्षों में शादी तय हो गयी। अवधेश शुक्ला ने निमंत्रण पत्र बांटे जिसमें पता कानपुर नगर का लिखा। निर्धारित तिथि के अनुसार गुरुवार को अवधेश अपनी बरात लेकर ग्राम डिघरुवा पहुंचा। बरात की आगवानी हुई देर शाम को भोजन भी हुआ। रात में चढ़ावा चढ़ने के बाद जब भांवरों का समय आया तो दुल्हन ने अपने उम्र से दोगुने से ज्यादा उम्र के दूल्हे को देखकर शादी करने से साफ इंकार कर दिया। सुबह तक दोनों पक्षों के बीच काफी वार्ता हुई लेकिन लड़की के जिद के आगे किसी की नीं चली। अंतत: दूल्हे को बिना दुल्हन के बरात वापस लाना पड़ा। थानाध्यक्ष जाफरगंज चंद्रभान सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है।
साभार : दैनिक जागरण १३/०२/२०१०
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