रविवार, 31 जनवरी 2010

मां ने जान गवां बचाई बेटे की जिंदगी

अमौली (फतेहपुर)। एक कहावत है कि मां अपनी औलाद की खातिर अपनी जान तक दे सकती है। इस कहावत को आज सच कर दिखाया किरन ने। किरन ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी बेटे की जान बचा ली मगर वह चल बसी। यह दुखद घटना चांदपुर थानाक्षेत्र के गोहरारी गांव की है।

गोहरारी गांव निवासी योगेश कुमार शुक्ला की पत्नी किरन शुक्ला (35) १६ जनवरी को सुबह करीब 10 बजे अपने पुत्र श्यामजी (12) के साथ मिर्चा तोडऩे खेत जा रही थी। रास्ते में श्यामजी आगे चल रहा था जबकि किरन पीछे थी। प्रत्यक्षदॢशयों के मुताबिक जैसे ही श्यामजी 17 बीजी राजकीय नलकूप के पास पहुंचा तभी उसका पैर जमीन पर टूटे बिजली के तार में उलझ गया। यह देख किरन भागकर मौके पर पहुंची और धक्का देकर श्यामजी को तार से अलग किया लेकिन वह खुद असंतुलित होकर तार पर गिर पड़ी। जब तक नलकूप में मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंच कर लाठी डंडों से तार को किरन से अलग करते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गई। कुछ देर बाद ही उसकी मौके पर मौत हो गई जबकि श्यामजी को पीएससी अमौली में भरती कराया गया है। हादसे को लेकर ग्रामीणों में बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

हादसे की खबर से योगेश के घर कोहराम मच गया। उसकी बेटियां सोनिका, मोनिका, अंजुला रोते बिलखते मौकेपर पहुंची। जबकि पांच माह का बेटा घर में पड़ा बिलखता रहा। ग्रामीणों ने हादसे की खबर बिजली विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दी लेकिन कोई बिजली विभाग को कोई कर्मचारी घटनास्थल में नहीं पहुंचा। इलाकाई पुलिस ने छानबीन कर कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया तभी बिजली अधिकारियों से नाराज ग्रामीणों ने उनके आने पर ही लिखापढ़ी करने की बात कह कार्रवाई करने का विरोध किया। बाद में पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर मामला शांत करा लिया।

जेई को दी गई थी टूटे पड़े तार की सूचना

अमौली। गोहरारी निवासी जगमोहन तिवारी ने बताया कि सुबह सरकारी नलकूप को जाने वाली लाइन का तार टूटे पड़े होने की जानकारी मिली। उन्होंने नौ बजे अवर अभियंता को फोन करके टूटे पड़े तार की जानकारी और दुघर्टना की आशंका को देखते हुए सप्लाई न चालू करने का आग्रह किया। बावजूूद इसके लाइन की सप्लाई बंद नहीं की गई। आरोप लगाया कि घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारी दोषी है। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पहले भी इसी स्थान पर हो चुके हैं हादसे

अमौली। जिस स्थान पर टूटे पड़े तार की चपेट में आकर किरन की मौत हुई वह पहले भी कई हादसे हो चुके है। दुखद पहलू यह है कि बावजूद इसके बिजली कर्मचारियों ने सतर्कता नहीं बरती। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह माह में इसी स्थान पर कई बार तार टूट चुका है। हादसे में रहीम और विनोद शाहू के मवेशियों की मौत हो गई थी लेकिन विभाग ने जर्जर तार को बदलने का प्रयास नहीं किया और लापरवाही बड़े हादसे में परिणित हो गई।

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